आपने सुना होगा कि यमन में फिर से आवाज़ें उठ रही हैं, लेकिन असल में जमीन पर क्या हो रहा है? यहाँ हम सीधे बात करेंगे – कौन‑से इलाके में लड़ाई तेज़ हुई, किन शख्सियों ने नई पहल की और अंतरराष्ट्रीय मदद कैसे बढ़ी। इस लेख को पढ़ते ही आप समझ पाएँगे कि यमन के समाचार सिर्फ टीवी पर नहीं बल्कि रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में भी असर डाल रहे हैं।
पिछले दो हफ़्तों में मुख्यतः हेज़र अली बेद्र और तहरीर के बीच गोलीबारी बढ़ी है। दोनों पक्षों ने अपने‑अपने सैनिकों को आगे धकेला, जिससे कई शहरों में बिजली कटौती और बाजार बंद हो गया। इस समय सबसे बड़ा सवाल यह है – क्या ये लड़ाइयाँ आगे भी जारी रहेंगी या कोई समझौता निकलेगा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाउथी समूह ने नए ड्रोन का इस्तेमाल किया, जबकि सरकार‑समर्थित बलों ने एंटी‑टैंक मिसाइलें तैनात कीं। इस तकनीकी बदलाव से पहले की तुलना में ज़्यादा नुकसान हो रहा है, और आम नागरिकों को सबसे अधिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
यदि आप यमन के भीतर रहने वाले किसी दोस्त या रिश्तेदार की स्थिति जानना चाहते हैं, तो स्थानीय समाचार चैनलों पर ‘सुरक्षा अलर्ट’ सेक्शन देखिए – वहाँ रोज़ अपडेट मिलते रहते हैं।
संघर्ष के बीच कई देशों ने राहत सामग्री भेजी है। यूएन कोऑर्डिनेटेड ह्यूमनिटेरियन ऑपरेशन्स (OCHA) ने बताया कि इस साल अब तक 1.2 मिलियन लोगों को भोजन, साफ़ पानी और मेडिकल सप्लाई मिली है। लेकिन अभी भी लाखों लोग बेसिक सुविधा से वंचित हैं, इसलिए मदद की जरूरत अभी कम नहीं हुई।
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने अपने‑अपने सैन्य कद में कमी करके कुछ फ़ंडेड अस्पताल खोलने का वादा किया। वहीं यूरोपीय संघ ने नॉन‑फ़ूड आइटम्स के लिए विशेष डिलिवरी रूट तैयार की है, जिससे तटीय क्षेत्रों तक पहुँच आसान हो रही है।
अगर आप व्यक्तिगत तौर पर मदद करना चाहते हैं, तो विश्वसनीय NGOs जैसे ‘सेव द चाइल्ड्रन’, ‘रेड क्रीसेंट’ या स्थानीय यमन‑फोकस समूहों को दान देना सबसे असरदार रहेगा। अधिकांश वेबसाइटें आसान ऑनलाइन ट्रांसफ़र विकल्प देती हैं, और आपके छोटे योगदान से भी बड़ी राहत में बदलाव आ सकता है।
आख़िरकार, यमन की स्थिति जटिल है लेकिन हर रोज़ छोटी‑छोटी खबरें बड़े पैमाने पर असर डालती हैं। इस टैग पेज को बुकमार्क करके आप नवीनतम अपडेट्स सीधे पा सकते हैं और समझदारी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
इजराइली हवाई रक्षा प्रणाली ने 21 जुलाई को यमन से दागी गई मिसाइल को इंटरसेप्ट किया। हौथी विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने इजराइल के एलात शहर को लक्षित किया था। इस मिसाइल हमले से पहले, इजरायली लड़ाकू विमानों ने यमन के हौथी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।