अगर आप आगे की पढ़ाई या करियर प्लान बना रहे हैं तो NIRF नाम शायद आपने सुना होगा. यह भारत सरकार का एक प्रोजेक्ट है जो हर साल कॉलेज और यूनिवर्सिटी को स्कोर देके रैंक करता है. इस लेख में हम समझेंगे कि ये रैंकिंग कैसे बनती है, 2025 की टॉप संस्थाएँ कौन‑सी हैं और आपको इससे क्या फायदा हो सकता है.
पहले बात करते हैं मापदंडों की. NIRF छह मुख्य पैरामीटर लेता है: शिक्षण, शोध, आउटगोइंग फ़्रॉम‑टू‑फ्लाई (डिग्री के बाद नौकरी), परसपेक्टिव प्रोफ़ाइल और ग्रैजुएशन रेट। हर एक को 0‑100 तक अंक मिलते हैं. फिर सबके औसत से कुल स्कोर बनता है.
उदाहरण के लिए, अगर कोई कॉलेज का रिसर्च स्कोर बहुत हाई है लेकिन प्लेसमेंट कम, तो उसका कुल स्कोर संतुलित रहेगा. इसलिए सिर्फ एक पैरामीटर पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं. सभी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करना ज़रूरी है.
2025 की रैंकिंग में IIT दिल्ली, IIM बेंगलुरु, और AIIMS नई दिल्ली ने शीर्ष स्थान कब्ज़ा किया. इनके पास न केवल बेहतरीन फैकल्टी है बल्कि इंडस्ट्री कनेक्शन भी मजबूत हैं. अगर आप इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट पढ़ना चाहते हैं तो इन कॉलेजों में एडमिशन का चांस बढ़ाने के लिए सेंट्रल रैंकिंग (JEE, CAT) पर फोकस करें.
दूसरी ओर, कुछ नॉन‑टेक संस्थाएँ जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय भी बहुत अच्छे स्कोर लेकर सामने आए. इनकी बड़ी वजह है उनकी डिग्री के बाद रोजगार दर और सामाजिक रिसर्च में योगदान.
अब सवाल यह उठता है कि आपकी पसंद की कॉलेज या यूनिवर्सिटी का NIRF स्कोर देख कर क्या बदलता है? सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपने लक्ष्य को स्पष्ट कर सकते हैं. यदि आपका प्राथमिक मानदंड प्लेसमेंट है तो ऐसे संस्थानों को देखें जिनका ‘आउटगोइंग फ़्रॉम‑टू‑फ्लाई’ स्कोर हाई हो.
अगर रिसर्च में इंटरेस्ट है, तो उन कॉलेजों की लिस्ट बनाएं जिनका रिसर्च आउटपुट और पेपर सिटेशन स्कोर अच्छा हो. इससे आप अपनी ग्रेजुएशन के बाद पीएचडी या इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स में आसानी से जुड़ पाएँगे.
एक और बात ध्यान रखें – NIRF रैंक हर साल बदलती है, इसलिए सिर्फ एक वर्ष का डेटा नहीं देखना चाहिए. कई बार नई नीतियां, फंडिंग या फ़ैकल्टी बदलाव से स्कोर में बड़ा अंतर आता है. लगातार अपडेटेड जानकारी के लिए आधिकारिक NIRF वेबसाइट पर जा सकते हैं.
अंत में, अगर आप अभी हाई स्कूल में हैं तो अपनी बोर्ड की तैयारी के साथ-साथ कॉलेज रैंकिंग को भी ध्यान में रखें. सही लक्ष्य चुनना आपके करियर को आसान बना देता है और भविष्य में नौकरी या आगे पढ़ाई दोनों में मदद करता है.
तो अगली बार जब आप कोई कॉलेज देखेंगे, NIRF स्कोर जरूर चेक करें और अपने सपनों के अनुसार सबसे फिट विकल्प चुनें.
12 अगस्त, 2024 को जारी NIRF Rankings 2024 में हिंदू कॉलेज, नई दिल्ली पहले स्थान पर रहा, जबकि मिरांडा हाउस, दिल्ली दूसरे स्थान पर रहा। पिछले साल मिरांडा हाउस पहले स्थान पर था। इस साल सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली तीसरे स्थान पर रहीं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ये रैंकिंग्स जारी की।