जब कोई बिना अनुमति के आपके घर, ऑफिस या ऑनलाइन अकाउंट में घुसता है, तो उसे हम अवैध अतिक्रमण कहते हैं। चाहे वह भौतिक जगह हो या इंटरनेट, दोनों में वही बात लागू होती है – अनधिकृत प्रवेश और नुकसान का जोखिम।
1. भौतिक अतिक्रमण: दरोड़ से घर या दुकान में घुसना, बंद दरवाज़ा तोड़ कर अंदर जाना। पुलिस इस पर तुरंत कार्रवाई करती है क्योंकि यह सीधे आपका सुरक्षा खतरा बनता है.
2. डिजिटल/साइबर अतिक्रमण: हैकर्स आपके ई‑मेल, बैंक अकाउंट या सोशल मीडिया को हैक करते हैं। फ़िशिंग लिंक क्लिक करने से डेटा चोरी हो सकता है और पैसे भी निकल सकते हैं.
3. सीमापार अवैध प्रवेश: देश की सीमाओं पर बिना वीज़ा के अंदर‑बाहर होना, जो राष्ट्रीय सुरक्षा में गड़बड़ी कर सकता है। ऐसी घटनाएँ अक्सर समाचारों में ‘अवैध अतिक्रमण’ टैग के तहत आती हैं.
• घर की सुरक्षा बढ़ाएं: मजबूत ताले लगवाएँ, सिसिटीवी कैमरा रखें। अगर कोई अजनबी दरवाज़े पर खड़ा हो तो डोरबेल के साथ वीडियो देखें.
• ऑनलाइन पासवर्ड सुरक्षित रखें: 12 अक्षर से अधिक का पासवर्ड, बड़े‑छोटे अक्षर, नंबर और सिंबल मिलाकर बनाएं। दो‑फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ज़रूर चालू करें.
• फ़िशिंग से बचें: अजीब लिंक या अटैचमेंट नहीं खोलें। अगर बैंक का संदेश आया तो सीधे ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करके जांचें, न कि एसएमएस के लिंक पर क्लिक कर के.
• संकेत मिलते ही पुलिस में रिपोर्ट करें: भौतिक चोरी या साइबर हमले के बाद तुरंत FIR दर्ज करवाएँ। अधिकांश मामलों में जल्दी रिपोर्ट करने से नुकसान कम हो सकता है.
• डेटा बैकअप रखें: महत्वपूर्ण फ़ाइलों को क्लाउड या एक्सटरनल हार्ड ड्राइव पर रोज़ाना सेव करें. अगर आपके डेटा का हर्ज़ाना हुआ, तो बैकअप से आसानी से पुनर्स्थापित कर सकते हैं.
अवैध अतिक्रमण किसी भी रूप में हो, समय पर पहचान और सही कदम लेना सबसे जरूरी है। ऊपर बताए गए साधारण उपायों को अपनाकर आप खुद की सुरक्षा को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं. याद रखें – सुरक्षित रहना आपका अधिकार है, उसे बचाना आपकी ज़िम्मेदारी.
आईएएस प्रशिक्षु अधिकारी पूजा खेडकर को उनके निवास स्थान पर अवैध अतिक्रमण के संबंध में पुणे नगर निगम से नोटिस मिला है। निगम के अतिक्रमण विभाग के अनुसार, खेडकर के निवास स्थान पर सार्वजनिक सड़कों या फुटपाथों पर बिना अनुमति के निर्माण या अवरोध पाए गए हैं। खेडकर पर व्यापक निगरानी हो रही है और उन्हें सेवा से निष्कासित किया जा सकता है।