वास्तु शास्त्र – आपका गाइड

अगर आप अपने घर या ऑफिस में बेहतर माहौल चाहते हैं तो वास्तु शास्त्र मदद कर सकता है। ये पुरानी ज्ञान प्रणाली सिर्फ रिवाज नहीं, बल्कि ऐसा तरीका है जिससे जगह की ऊर्जा को सही दिशा मिलती है। आज हम इसे आसान भाषा में समझेंगे और रोज़मर्रा के जीवन में कैसे लागू करें, बताएँगे।

मुख्य सिद्धान्त

वास्तु का सबसे बड़ा नियम ‘दिशा’ है। हर कमरे को सही दिशा से जोड़ना चाहिए – जैसे प्रवेश द्वार उत्तर‑पूर्व या ईस्ट की ओर हो तो धन आएगा, और दक्षिण में रखे बेड से नींद खराब हो सकती है। दूसरा सिद्धान्त ‘संतुलन’ है; दो चीज़ें एक साथ नहीं टकरा सकतीं, जैसे बाथरूम को किचन के पास न रखें। खुली जगह और साफ़ सफाई भी ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाते हैं।

एक आसान टिप: लिविंग रूम में सोफा को दक्षिण‑पश्चिम की दीवार से दूर रखिए और उसकी ओर खिड़की या बड़ी खिड़कियां हों तो अच्छा रहता है। इससे मेहमानों को स्वागत करने पर सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

दैनिक जीवन में वास्तु कैसे लागू करें

पहला कदम है घर की मुख्य दिशा पहचानना। कंपास या मोबाइल ऐप से दिशाएँ निकालें और देखिए कौन‑सी दीवार किस ओर मुख़ी है। फिर फर्नीचर को उस हिसाब से व्यवस्थित करें। यदि आपका बाथरूम उत्तर में है तो उसमें नीली टाइल्स लगाएं; यह जल की ऊर्जा को संतुलित करता है।

दूसरा, घर में हरे पौधे रखें लेकिन किचन के पास नहीं। पौधे वायु शुद्ध करते हैं और सकारात्मक माहौल बनाते हैं। अगर जगह कम है तो छोटे पॉट्स या टेबल पर रख सकते हैं।

तीसरा, रौशनी का सही इस्तेमाल बहुत ज़रूरी है। सुबह की धूप में घर खुला रखें; यह नयी ऊर्जा लाता है। यदि कोई कमरा अंधेरा रहता है तो सफ़ेद रंग के पेंट या हल्के परदे लगाएँ।

अंत में, शोर और अव्यवस्था से बचें। दरवाजों को हमेशा साफ़ रखें और अनावश्यक चीज़ें निकाल दें। यह न केवल घर को सुंदर बनाता है बल्कि मन भी शांत रहता है।

इन छोटे‑छोटे बदलावों से आप अपने रहने की जगह में बड़ा परिवर्तन देखेंगे। वास्तु शास्त्र का मूल मकसद जीवन को आसान और सुखी बनाना है, इसलिए इसे जटिल नहीं, सरल रखें। जब आप इन नियमों को रोज़मर्रा में अपनाएंगे तो फर्क खुद महसूस करेंगे।

धन आकर्षित करने के लिए तिजोरी में रखें ये एक चीज़, मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न

वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि धन की देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए घर या ऑफिस के खास हिस्सों में मनी प्लांट, पानी का फव्वारा और धन के चित्र जैसी चीजें रखना शुभ होता है। सफाई बनाए रखना और दिशाओं के अनुसार रंगों और सजावट का ध्यान जरूरी है।