वनडे क्रिकेट का पहला मैच 5 जनवरी 1971 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मैडिनन, कैम्पबेल में खेला गया था। इस दिन दो टीमें केवल 60 ओवर की एक‑दिवसीय सीमा पर खेले थे, जिससे आज का 50‑ओवर फॉर्मेट नहीं बना था। तब से लेकर अब तक ODI ने कई बदलाव देखे हैं – बॉलों की संख्या, पावरप्ले, डील्स आदि.
भारत ने अपना पहला One Day International 13 जुलाई 1974 को लंदन के लीड्स में England के खिलाफ खेला। जीत‑हार की चिंता नहीं थी, बल्कि खिलाड़ियों को नई फ़ॉर्मेट समझने का मौका मिला था। सौरव गांगुली, बिंदु रे और कपिल देव ने शुरुआती लाइन‑अप में जगह बनाई। इस मैच में भारत सिर्फ़ 176 रन बनाकर हार गया, पर यह अनुभव बाद के कई बड़े जीतों की नींव बना।
पहला ODI 1971 का था, लेकिन आज के रिकॉर्ड्स उस समय की तुलना में पूरी तरह बदल चुके हैं:
इन आँकड़ों को समझना आसान है – बस याद रखें कि शुरुआती दौर में बॉल्स कम थीं और रेटिंग सिस्टम आज के जैसा नहीं था। अब हर टीम अपने स्ट्रैटेजी को टोकन पावरप्ले, डेडली ओवर आदि से गढ़ती है.
अगर आप ODI के फैन हैं तो यह जानकर अच्छा लगेगा कि पहला मैच सिर्फ़ एक खेल नहीं, बल्कि पूरी क्रिकेट संस्कृति का नया रूप था। अब हर साल नए रिकॉर्ड बनते हैं, लेकिन वह सब इस शुरुआती कदम से ही शुरू हुआ था. चाहे आप भारत के हों या किसी अन्य देश के – पहला ODI आपका भी इतिहास बन सकता है जब आप अपनी टीम को जीत की ओर ले जाएंगे.
तो अगली बार जब आप टीवी पर कोई वनडे मैच देखेंगे, तो याद रखिए कि 1971 से लेकर अब तक का सफर कितना लंबा और दिलचस्प रहा है. अपने दोस्त‑साथियों को भी ये बातें बताइए – क्योंकि क्रिकेट सिर्फ़ खेल नहीं, कहानी है.
भारत और श्रीलंका के बीच पहले ODI मुकाबले में पथुम निसांका और दुनीत वेल्लालागे की शानदार फिफ्टी की बदौलत श्रीलंका ने 230 रन बनाए। भारत के मो. सिराज ने शुरूआती सफलता दिलाई। मुकाबला बारिश के खतरे के बीच खेला गया। दोनों टीमें अपनी कमजोरियों को दूर करने का प्रयास कर रही हैं।