जापान के शाही परिवार की रोचक बातें – इतिहास, भूमिका और आज की स्थिति

अगर आप सोचते हैं कि राजशाही केवल यूरोप तक ही सीमित है तो फिर एक बार जापान के इम्पीरियल फैमिली को देखें। 660 ईसा पूर्व से चले आ रहे इस वंश ने कई बदलाव देखे, लेकिन अभी भी लोगों का ध्यान खींचता है। चलिए आसान शब्दों में समझते हैं कि ये शाही परिवार कैसे बना और आज उनका काम क्या है।

इतिहास में जापान की शाही वंशावली

जापान की राजशाही को दुनिया की सबसे पुरानी लगातार चलती हुई राजवंश माना जाता है। आधिकारिक तौर पर इसे 660 ईसा पूर्व का जिरो तेनो (पहला सम्राट) बताया गया है, लेकिन इतिहासकार मानते हैं कि असली शुरुआत लगभग 3वीं सदी में थी। कई शताब्दी तक इम्पीरर्स को देवता के रूप में माना जाता था और उनका काम धर्म, सेना और न्याय की देखरेख करना होता था।

दूसरी विश्वयुद्ध के बाद जापान ने संविधान अपनाया और राजशाही का रोल काफी घट गया। अब सम्राट मुख्य रूप से सांकेतिक भूमिका निभाते हैं – जैसे राष्ट्रीय उत्सवों में उपस्थित होना, विदेशियों को सम्मान देना या आपदा राहत में समर्थन दिखाना।

आज का शाही परिवार और उनका काम

अब बात करते हैं वर्तमान इम्पीरियल फैमिली की। सम्राट नारुहितो 2019 में अपने पिता अकिहито से सिंहासन संभाले। उनके साथ है रानी मसाको, जो एक एलीट डिप्लोमैटिक बैकग्राउंड वाली हैं और कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देती हैं। उनका बड़ा बेटा कोरुनाओ (कोरोना) अभी तक शादी नहीं कर पाया, लेकिन वह कई सामाजिक कारणों जैसे पर्यावरण संरक्षण पर काम करता है।

शाही परिवार के सदस्य अक्सर स्कूलों, अस्पतालों या आपदा प्रभावित क्षेत्रों की यात्राएं करते हैं। यह लोगों को भरोसा देता है कि उनका नेता भी कठिन परिस्थितियों में साथ है। नारुहितो ने कई बार कहा है कि वो "सामान्य जनता" के साथ जुड़ना चाहते हैं और उनके काम से देश में सकारात्मक ऊर्जा फैलाना चाहते हैं।

जापानी लोगों की शाही परिवार में बड़ी भावनात्मक लगाव रहती है, भले ही उनकी राजनीतिक शक्ति सीमित हो। हर साल नई जन्मदिन या शादी की खबरें मीडिया को भर देती हैं, और सोशल मीडिया पर फैन क्लब भी सक्रिय रहते हैं। इस कारण शाही परिवार आज भी जनता के दिलों में खास जगह रखता है।

संक्षेप में कहा जाए तो जापान का इम्पीरियल फैमिली इतिहास में गहरी जड़ें रखते हुए भी आधुनिक समय की जरूरतों को समझते हैं। उनका काम अब राजनयिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सीमित लेकिन प्रभावशाली है। अगर आप कभी जापान यात्रा करने वाले हों, तो शाही परिवार से जुड़ी कुछ बातें जानना आपके अनुभव को और दिलचस्प बना देगा।

जापान के राजकुमार हिसाहितो: चार दशकों में पहले पुरुष शाही सदस्य बने जो वयस्कता तक पहुंचे

जापानी सम्राट नारुहितो के भतीजे, राजकुमार हिसाहितो ने 18 वर्ष के हो जाने के बाद, लगभग चार दशकों में वयस्कता तक पहुंचने वाले पहले पुरुष शाही सदस्य बन गए हैं। यह घटना जापान के शाही परिवार के लिए महत्वपूर्ण है, जो कि उम्रदराज और कम होती जनसंख्या के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है। राजकुमार हिसाहितो भविष्य में सम्राट बनने के लिए तैयार हैं।