आपने कभी सुना होगा "स्ट्रोक" शब्द को, लेकिन कई लोग इसे ठीक से नहीं समझते। सरल भाषा में कहें तो दिमाग़ की रक्त सप्लाई अचानक रुक जाती है या कम हो जाती है, जिससे मस्तिष्क का कोई हिस्सा नुकसान पहुँचता है। यह ही ब्रेन स्ट्रोक कहलाता है। अगर समय पर पता चल जाए और सही कदम उठाए जाएँ तो अक्सर पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।
स्ट्रोक के संकेत अचानक आ सकते हैं। सबसे आम लक्षण है चेहरे, हाथ या पैर में एक तरफ कमजोरी या सुन्नता। अगर आप बोलने की कोशिश में शब्द नहीं निकाल पा रहे, या समझ नहीं पा रहे तो यह भी चेतावनी है। अचानक तेज़ सिरदर्द, दिमाग़ घुमा‑घुमाने जैसा महसूस होना और दृष्टि धुंधली हो जाना भी आम संकेत हैं। ये लक्षण एक‑दो मिनट में ही दिख सकते हैं, इसलिए तुरंत डॉक्टर को बुलाएँ।
स्ट्रोक दो मुख्य कारणों से होता है: रक्त की नली का ब्लॉक होना (इस्केमिक स्ट्रोक) या नली फट जाना (हिमोरैजिक स्ट्रोक)। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, धूम्रपान और मोटापा इन जोखिम को बढ़ाते हैं। उम्र जितनी बड़ी होगी, संभावना उतनी ही बढ़ेगी, लेकिन युवा लोग भी अनियंत्रित उच्च रक्तचाप या अजीविक जीवनशैली से प्रभावित हो सकते हैं।
खाद्य पदार्थों में नमक की मात्रा घटाएँ, तली‑भुनी चीज़ कम खाएँ और फलों व सब्जियों को बढ़ाएँ। नियमित चलना-फिरना, योग या हल्का व्यायाम रक्त प्रवाह को सुगम रखता है और स्ट्रोक का खतरा घटाता है। अगर आपका ब्लड प्रेशर अक्सर हाई रहता है तो डॉक्टर से दवा की सलाह लें – बिना इलाज के यह बड़ी समस्या बन सकता है।
स्ट्रोक होने पर समय बहुत अहम होता है। "FAST" याद रखें: Face (चेहरा), Arms (बांहें), Speech (भाषा), Time (समय)। अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो 112 या स्थानीय एम्बुलेंस को तुरंत कॉल करें। हर मिनट की देरी मस्तिष्क को नुकसान बढ़ा देती है।
डॉक्टर अक्सर इमेजिंग टेस्ट जैसे CT स्कैन या MRI कराते हैं ताकि यह पता चल सके कि स्ट्रोक किस प्रकार का है। इलाज में दवाएँ, रक्त थक्के घोलने वाली औषधि या कभी‑कभी सर्जरी शामिल हो सकती है। उपचार के बाद फिजियोथेरेपी से मोटर स्किल्स को फिर से सीखना आसान बनता है।
भविष्य में स्ट्रोक रोकने के लिए अपने रोज़मर्रा की आदतों पर नज़र रखें। धूम्रपान छोड़ें, शराब कम करें और पर्याप्त नींद लें। तनाव को कम करने के लिए परिवार या दोस्तों से बात करें, ध्यान (मेडिटेशन) अपनाएँ। ये छोटे‑छोटे बदलाव आपके दिल और दिमाग़ दोनों को मजबूत बनाते हैं।
आखिर में, याद रखें कि स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है, लेकिन सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से जीवन बचाया जा सकता है। अगर आप या आपका कोई जान‑पहचान वाला इस तरह के लक्षण दिखाए तो तुरंत मदद लेनी चाहिए। स्वस्थ रहें, सतर्क रहें – यही सबसे बड़ी रोकथाम है।
मशहूर अभिनेता टिकू तल्सानिया को मुंबई में एक फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान ब्रेन स्ट्रोक हुआ, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में उन्हें हार्ट अटैक की खबरें आई थीं, लेकिन उनकी पत्नी दीप्ति तल्सानिया ने बताया कि यह ब्रेन स्ट्रोक था। फिलहाल टिकू तल्सानिया की हालत गंभीर है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।