अमेरिकी दौरा: अमेरिकी शेयर बाजार का हालिया झटका

पिछले हफ़्ते S&P 500 ने लगभग 1.1% गिरावट दर्ज की, जबकि टेक दिग्गजों की वैल्यू में करीब एक ट्रिलियन डॉलर कम हो गया। अगर आप रोज़ाना स्टॉक्स देखते हैं तो यह खबर अनदेखी नहीं रह सकती। इस लेख में हम बताएँगे कि AI के डर ने कैसे बड़ी कंपनियों को पीछे धकेला और आगे क्या उम्मीद करनी चाहिए।

AI पर बढ़ता डर: क्यों निवेशक उलझन में?

MIT की रिपोर्ट बताती है कि सिर्फ 5% पायलट प्रोजेक्ट्स ही लाभ देते हैं, जबकि 50% फेल हो जाते हैं। ऐसी आँकड़े सुनते ही निवेशकों का मन बेचैन हो जाता है। जब AI को लेकर असुरक्षा बढ़ती है, तो शेयरधारकों की उम्मीदें घटती हैं और वे अपने पैसों को सुरक्षित रखने के लिए बेचने लगते हैं। यही कारण है कि Tesla, Amazon, Nvidia और Meta जैसे बड़े नाम गिरावट में दिखे।

मुख्य कंपनियों का प्रदर्शन: टेस्ला से मेटा तक

Tesla की स्टॉक कीमत इस हफ़्ते लगभग 3% नीचे आई, क्योंकि इलेक्ट्रिक कारों के लिए AI‑ड्रिवेन ड्राइविंग में देरी का डर बढ़ा। Amazon को भी वही असर झेलना पड़ा; क्लाउड सर्विसेज़ पर AI खर्च बढ़ने से मार्जिन दबाव में आया। Nvidia की गिरावट सबसे ज्यादा ध्यान देने योग्य है, क्योंकि यह कंपनी AI चिप्स का बड़ा सप्लायर है और अब बाजार उसकी भविष्य की कमाई को लेकर संशयित है। अंत में Meta भी विज्ञापन राजस्व में संभावित कमी के कारण दबाव में रहा।

इन कंपनियों की गिरावट सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि कई ट्रेडिंग सत्रों पर असर डालती रही। अगर आप इन शेयरों में निवेश कर रहे हैं तो जोखिम प्रबंधन के लिए स्टॉप‑लॉस सेट करना और पोर्टफ़ोलियो को विविध बनाना जरूरी है।

भविष्य में क्या हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि AI की असफलता की खबरें अगर लगातार आती रहेंगी तो निवेशक फिर से सुरक्षित एसेट्स जैसे गोल्ड या सरकारी बॉण्ड में रुख करेंगे। दूसरी ओर, यदि AI प्रोजेक्ट्स सफल होते दिखेंगे और कंपनियों के वित्तीय परिणाम सुधरेंगे, तो शेयरों को पुनः उछाल मिल सकता है।

अमेरिकी बाजार में इस समय का माहौल थोड़ा अस्थिर लगता है, पर यह भी सच है कि हर गिरावट के बाद नई संभावना जन्म लेती है। अगर आप दीर्घकालिक निवेशक हैं तो इस दौर को एक सीख की तरह देख सकते हैं—उच्च जोखिम वाले टेक शेयरों में एंट्री करने से पहले पूरी रिसर्च जरूरी है।

समझदारी यही होगी कि आज के नुकसान को देखकर तुरंत बेचने के बजाय, कंपनी के फंडामेंटल्स और AI प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति का आकलन करें। कभी‑कभी बाजार भावनात्मक चलता है, जबकि मूलभूत आंकड़े स्थिर रहते हैं।

अंत में यह कहा जा सकता है कि "अमेरिकी दौरा" के तहत हम सिर्फ शेयर मार्केट नहीं देख रहे, बल्कि तकनीकी बदलावों की लहर को भी समझने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आप इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं तो नियमित अपडेट पढ़ते रहें और अपने निवेश निर्णय में सतर्कता बरतें।

फिलाडेल्फिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी: तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे का आगाज़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे की शुरुआत करने के लिए फिलाडेल्फिया पहुंचे हैं। वे क्वाड सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसकी मेज़बानी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन करेंगे। मोदी का भारतीय समुदाय द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरे से भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती और क्वाड गठबंधन की भूमिका पर जोर है।