बृहस्पतिवार की सुबह, 20 नवंबर 2025 को पटना के इतिहास में दर्ज हो गया। इस मौके पर नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री ने रिकॉर्ड बनाकर 10वीं बार पद ग्रहण किया। गांधी मैदान में बने महाचौकीदारों का एक दृश्य था जब उनका शपथ ग्रहण समारोह हुआ। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि यह सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं था, बल्कि केंद्र की नजर भी इससे टिकी हुई थी।
नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री और अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री दोनों ही इस आयोजन में मौजूद थे, जिससे संकेत मिलता है कि दिल्ली और पाटणा के बीच राजनीतिक ताबीज मजबूत होने जा रहे हैं। नई कैबिनेट में कुल 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है। यह संख्या पहले से कम हो सकती थी, लेकिन एनडीए की साझेदारी के नियमों को ध्यान में रखते हुए इसे बराबर बनाया गया।
मंत्रिमंडल का खालिदा और नई गणित
बैठकों के दौरान जो फैसले निकले वे थोड़े अलग दिशा में ले जा रहे हैं। बीजेपी के पास 14 मंत्रियों की जगहें हैं, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पास 8 जगहें। बाकी छोटे सहयोगियों को भी अपनी हिस्सेदारी दी गई है—एक-एक मंत्री लालूप्रसाद राउत पार्टी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए।
यहाँ एक रोचक बात ये है कि इस बार तीन महिलाएं मंत्री बनी हैं और एक मुस्लिम मंत्री को भी कैबिनेट में जगह दी गई है, जो समावेशी विकास की ओर एक कदम है। उपाध्यक्ष के रूप में सम्रात चौधरी और विजय कुमार सिंह को चयनित किया गया। पूर्व मंत्रियों में मंगल पांडेय और नीतीश नारायण जैसे चेहरे फिर से आए हैं, जिन्होंने पिछली सरकार में काम किया था। सदन की प्रक्रियाओं को देखते हुए, प्रेम कुमार को स्पीकर बनने की संभावना तेज है।
विदेश नीति में बड़ा मुकादमा
बिहार के घाघरे में बने नये राजनीतिक गठबंधन के बीच, भारत ने अपने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में भारत को 93 मिलियन डॉलर के हथियार बेचने की अनुमति दी है। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि रक्षा साझेदारी का एक बड़ा संकेत है।
वहीं, अफगानिस्तान में तालिबान के वाणिज्य मंत्री अलाहज नूरुद्दीन अजीज़ी पांच दिनों के访问 के लिए भारत पहुंचे हैं। यह वक्त बहुत संवेदनशील है क्योंकि पाकिस्तान ने अपने भू-सीमा को अफगानिस्तान के लिए बंद कर रखा है, जिससे फलों की निर्यात प्रक्रिया रुकी हुई थी। भारतीय अधिकारियों ने इस दौरा के दौरान स्थिरता बरकरार रखने के कई समझौते किए।
पर्यावरणीय स्वास्थ्य और सुरक्षा
हर तराफ से आ रही खुशखबरी के बीच कुछ ऐसी बातें भी हैं जिन पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है। दिल्ली में आज ऑक्सीजन के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है। 18 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर चला गया है, जिसे 'गंभीर' माना जाता है।
विज्ञान की बात करें तो एक नई रिपोर्ट कहती है कि भारत में सीओपीडी (COPD) के मामले 5.5 करोड़ तक पहुंच गए हैं। यह अब देश में मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। हवा के खराब होने के कारण पिछले तीन दशकों में यह बीमारी तेजी से बढ़ी है। वहीं, पुलिस द्वारा लुधियाना में बीकेआई आतंकवादियों को घायल किया गया, जो ISI के निर्देश पर काम कर रहे थे। इस तरह की घटनाएं सुरक्षा नीति में बदलाव की आवश्यकता बताती हैं।
मध्यपूर्व का संकट और ऊर्जा सुरक्षा
जब बात दुनिया के संघर्षों की आती है, तो ईरान-अमेरिका-इजराइल झड़प अभी अपनी 26वीं बार बढ़ रही है। ट्रंप ने अपने सहयोगियों को आदेश दिए हैं। भारत के लिए यह बात चिंता का विषय है क्योंकि गैस और पेट्रोलियम की आपूर्ति रुकने का डर है।
मगर एक राहत की बात यह है कि ईरान ने पाँच देशों, जिनमें भारत शामिल है, के जहाजों को हर्मूज की जलसन्धि से गुजरने की अनुमति दे दी है। बाहरी मामलों के मंत्री एस. जयशंकर ने सभी दल बैठक में कहा कि हम अपनी ऊर्जा सुरक्षा पर काम जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका में जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए जाएंगे, जो ग्लोबल साउथ के लिए चौथा लगातार सम्मेलन होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीतीश कुमार ने कितनी बार मुख्यमंत्री पद संभाला है?
20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में अपना दसवां कार्यकाल शुरू किया। यह भारतीय राजनीति में एक अनूठा अभिलेख है।
नए मंत्रिमंडल में कितने भागीदार दल शामिल हैं?
कुल 26 मंत्रियों में से 14 बीजेपी, 8 JDU, और बाकी मंत्री LJP, HAM, और RLM जैसे छोटे दलों से हैं।
तालिबान के मंत्री के भारत आने का क्या महत्व है?
पाकिस्तान सीमा के बंद रहने के कारण अफगानिस्तान के निर्यात प्रभावित हुए हैं। यह दौरा व्यापारिक रास्तों को फिर से खोलने के प्रयास को दर्शाता है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति कैसी है?
18 स्टेशनों पर AQI 400 से ऊपर है, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। इसके कारण सीओपीडी जैसे रोगों में वृद्धि देखी जा रही है।